- रिलीज डेट: 30 जनवरी 2026
- डायरेक्टर: अभिराज मिनावाला
- स्टारकास्ट: रानी मुखर्जी (शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में), मल्लिका प्रसाद (विलेन), जानकी बोदीवाला और अन्य
- जॉनर: क्राइम, थ्रिलर, एक्शन
- रेटिंग: ★★★½ / 5
कहानी का सार
मर्दानी 3 में रानी मुखर्जी एक बार फिर ACP शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में लौटी हैं। इस बार मामला मानव तस्करी और बच्चियों के गायब होने से जुड़ा है, जिसमें भिखारी माफिया और एक अंतरराष्ट्रीय साजिश शामिल है। फिल्म एक रेस अगेंस्ट टाइम की तरह चलती है, जहां शिवानी अपनी टीम के साथ अपराधियों का पीछा करती है। कहानी सोशल इश्यू पर फोकस करती है – लड़कियों की सुरक्षा, सिस्टम की लापरवाही और क्रूर तस्करों की दुनिया। फर्स्ट हाफ में टेंशन और इंटेंसिटी जबरदस्त है, लेकिन सेकंड हाफ में कुछ प्रेडिक्टेबल मोड़ और ओवर-ड्रामेटिक हिस्से आ जाते हैं।
पॉजिटिव पॉइंट्स
- रानी मुखर्जी का परफॉर्मेंस – रानी फिर से कमाल हैं! वो इरreplaceable लगती हैं इस फ्रेंचाइजी में। उनकी फीयरलेस एनर्जी, इंटेंस डायलॉग डिलीवरी और एक्शन सीक्वेंस देखकर लगता है कि शिवानी रॉय कोई और नहीं निभा सकती। कई रिव्यूज में उन्हें “पावरफुल”, “फियरलेस” और “आउटस्टैंडिंग” कहा गया है। वो फिल्म को अकेले कंधों पर उठाए हुए हैं।
- हार्ड-हिटिंग थीम – फिल्म बच्चियों की तस्करी जैसे संवेदनशील मुद्दे को बिना किसी फिल्टर के दिखाती है। इमोशनल इंपैक्ट मजबूत है, खासकर फर्स्ट हाफ में। कई दर्शकों ने इसे “इंटेंस”, “रिलेवेंट” और “इमोशनली हार्ड-हिटिंग” बताया है।
- एक्शन और टेक्निकल – ग्राउंडेड एक्शन, रॉ एक्शन सीक्वेंस और स्लो-मोशन हीरोइक मोमेंट्स अच्छे लगे। प्रोडक्शन वैल्यूज और पेसिंग (खासकर शुरुआत में) ब्रिस्क है। विलेन मल्लिका प्रसाद भी काफी इम्प्रेसिव हैं – उनकी क्रुएल्टी और स्ट्रेंथ फिल्म को बैलेंस देती है।
नेगेटिव पॉइंट्स
- फॉर्मूला और प्रेडिक्टेबिलिटी – कहानी पहले दो पार्ट्स जैसी ही है – पुलिस vs ट्रैफिकर्स, रेस अगेंस्ट टाइम। सेकंड हाफ में कुछ प्लॉट पॉइंट्स ओवर-राइटन और आसानी से सॉल्व हो जाते हैं। फेमिलियरिटी की वजह से इंपैक्ट थोड़ा कम हो जाता है। इंडियन एक्सप्रेस ने इसे 2/5 दिया और कहा कि “फेमिलियरिटी द इंपैक्ट डल्स”।
- ओवर-ड्रामा और पेसिंग – कुछ जगहों पर वॉल्यूम को न्यूएंस समझ लिया गया है। सेकंड हाफ थोड़ा स्लो और प्रेडिक्टेबल हो जाता है।
- बॉक्स ऑफिस ओपनिंग – रिलीज के दिन शुरुआत स्लो रही, एडवांस बुकिंग्स अच्छी थीं लेकिन ओवरऑल कलेक्शन कमजोर दिख रहा है (कई रिपोर्ट्स में 1-2 करोड़ के आसपास शुरुआती आंकड़े)।
कुल मिलाकर मर्दानी 3 एक सॉलिड क्राइम ड्रामा है जो फ्रेंचाइजी की लिगेसी को बनाए रखता है। ये फिल्म डिस्टर्ब करती है, प्रोवोक करती है और एंटरटेन भी करती है। अगर आपको पहले वाले पार्ट्स पसंद आए थे और रानी मुखर्जी की फैन हैं, तो ये देखने लायक है। सोशल इश्यू पर बेस्ड होने की वजह से ये रिलेवेंट भी लगती है। लेकिन अगर आप कुछ नया और अनप्रेडिक्टेबल चाहते हैं, तो थोड़ी निराशा हो सकती है।
फाइनल वर्ड:
रानी मुखर्जी की वजह से “पैसा वसूल” है, लेकिन फ्रेंचाइजी को अब अगले लेवल पर ले जाने की जरूरत है। थिएटर में देखिए, क्योंकि रानी की धाकड़ वाली एंट्री स्क्रीन पर देखने का मजा अलग है!

